
बलिया। विकास भवन सभागार में मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी ने बतौर प्रभारी जिलाधिकारी जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए लापरवाही पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
प्रभारी डीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रसूताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने छूटे हुए बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने को कहा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि घर-घर सर्वे कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। आयुष्मान योजना की प्रगति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को गंभीरता से लेते हुए हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। सभी सीएचसी और पीएचसी पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने को कहा गया।

अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा
अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रभारी डीएम ने कायाकल्प योजना के मानकों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। मरीजों के लिए स्वच्छ पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। आशा वर्कर और एएनएम के कार्यों की ब्लॉकवार समीक्षा करते हुए खराब प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए। हेल्थ डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग वाले ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षकों को एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने की सख्त चेतावनी दी गई। आगामी मौसम को देखते हुए डेंगू व मलेरिया जैसे संचारी रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग व एंटी-लार्वा छिड़काव की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

