
तीन बार ब्राह्मण एवं चार बार यादव को मिला मौका
रोशन जायसवाल/शिवदयाल पांडेय मनन
बलिया/बैरिया। अपने समय में द्वाबा विधानसभा देश के राजनैतिक गलियारों में हमेशा चर्चा में रहा। क्योकि यह धरती क्रांतिकारियों एवं महापुरूषों के नाम से जानी जाती है। राजनीति में सबसे ज्यादा द्वाबा/बैरिया विधानसभा से 10 बार क्षत्रिय उम्मीदवार जीतकर विधानसभा में पहुंचा। यहां से चार बार मैनेजर सिंह, तीन बार भरत सिंह, एक बार शिवमंगल सिंह, एक बार विक्रम सिंह एवं एक बार सुरेन्द्र सिंह विधायक चुने गये। वहीं, ब्राह्मण उम्मीदवारों में एक बार रामनाथ पाठक एवं दो बार भोला पांडेय विधायक बने। यही नहीं, यादव में दो बार जयप्रकाश अंचल एवं एक बार सुभाष यादव विधायक चुने गये। वैसे, द्वाबा विधानसभा में दहाड़ी राम धोबी एवं बनवारी लाल यादव भी विधायक रहे। सबसे मजे की बात है कि इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी भरत सिंह एवं वीरेन्द्र सिंह मस्त सांसद भी चुने गये। इसके अलावा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी है। आगामी विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र का अगला विधायक कौन चुना जायेगा? यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों से लगभग दो दर्जन दावेदार क्षेत्र भ्रमण कर रहे है।
राजनैतिक, पौराणिक, धार्मिक एवं क्रांति के क्षेत्र में अलग पहचान
बलिया। दो नदियों से घिरा बैरिया विधानसभा क्षेत्र 42213 हेक्टेयर में फैला है। इस क्षेत्र में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली जेपी नगर, देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की ससुराल ग्राम पंचायत रामपुर, छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जन्मस्थली शुभनथही, जगदेवा पड़ता है। द्वाबा के चार बार के विधायक रहे मैनेजर सिंह ने अपनी एक अलग पहचान बनायी थी। आज भी लोग उनको बड़े अदब के साथ याद करते है। ये वही धरती है, जहां 1942 की क्रांति में अंग्रेजों से सामना करते हुए बैरिया थाना में 19 लोग शहीद हो गये थे। हर साल 18 अगस्त को शहादत दिवस मनाया जाता है।
राजनैतिक, पौराणिक, धार्मिक एवं क्रांति के क्षेत्र में द्वाबा की अलग पहचान है। धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों पर नजर डाले तो तिवारी के मिल्की स्थित गांव में महाराज बाबा का प्राचीन मठिया, सुदिष्टपुरी में स्थित सुदिष्ट बाबा की समाधि, संकीर्तननगर श्रीपालपुर स्थित खपड़िया बाबा का आश्रम, नरहरिपुरी गांव स्थित नरहर धाम, कर्णछपरा स्थित ठकूरी बाबा का स्थान, जयप्रकाशनगर में सेवा दास की मठिया, रामनगर में ध्यानी दास की मठिया, दोकटी स्थित पौहारी बाबा का मठ, वाजिदपुर में भाला बाबा, दुर्जनपुर में माता शायरा मंदिर, पशुपति धाम शुभनथही स्थित पशुपति बाबा का मंदिर एवं मठ है।
द्वाबा से पहली बार मंत्री बने थे भरत सिंह
बलिया। बैरिया विधानसभा के तत्कालीन विधायक भरत सिंह 2002 में भाजपा-बसपा के गठबंधन की सरकार में खाद्य एवं रसद मंत्री बने। भले ही द्वाबा विधानसभा से 10 बार क्षत्रिय, तीन बार ब्राह्मण, चार बार यादव आदि ने प्रतिनिधित्व किया हो, लेकिन मंत्री बनने का मौका भरत सिंह को मिला। उनके बाद अब तक के चुनाव में सपा, बसपा एवं भाजपा की सरकार बनी, लेकिन कोई विधायक मंत्री नहीं बना।
जेपी के गांव पहुंचे थे तत्कालीन पीएम-सीएम
बलिया। बैरिया विधानसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृह मंत्री लालकृष्ण आडवानी, मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री, उप राष्ट्रपति कृष्णकांत, केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी भी 2002 में जेपी शताब्दी समारोह में जयप्रकाशनगर में पधार चुके है। उस समय बलिया के सांसद एवं पूर्व पीएम चंद्रशेखर कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष थे। बैरिया विधानसभा में एक साथ पांच हेलीकाप्टर उस समय दिखायी दिया, जब 11 अक्टूबर 2002 को जेपी के गांव जयप्रकाशनगर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर बिहार के सीएम नीतिश कुमार एवं पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव भी आये थे।

