
बलिया। जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता नेहा गोंड की मौत के मामले में गठित जांच टीम ने रविवार को महिला अस्पताल पहुंचकर जांच पड़ताल की। टीम ने करीब तीन घंटे तक अस्पताल में मौजूद रहकर प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया और उस दिन ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के बयान दर्ज किए।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर गठित जांच टीम में शामिल एडीएम अनिल कुमार और प्रभारी सीएमओ डॉ. आनंद कुमार महिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान टीम ने प्रसव कक्ष में तैनात स्टाफ से पूछताछ की और अस्पताल में लगे चार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता विशाल गोंड और उसके परिजन भी मौजूद रहे। मौके पर महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. राकेश चंद्र सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
ये है पूरा घटनाक्रम
मनियर थाना क्षेत्र के पिलुई गांव निवासी विशाल गोंड ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि उसने अपनी बहन नेहा गोंड को प्रसव के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई। पीड़ित भाई का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उचित इलाज नहीं किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर महिला चिकित्सक भी नहीं पहुंची, जिससे मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल सका। इसके चलते उसकी बहन और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई।
एडीएम अनिल कुमार ने बताया कि गर्भवती की मौत के मामले में जांच के लिए अस्पताल आए थे। उस दिन ड्यूटी पर मौजूद सभी कर्मचारियों का बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।

