
यूपी की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर बुधवार सुबह आयकर विभाग ने छापा मारा। सुबह करीब 7 बजे 50 से अधिक अफसरों की टीम कई गाड़ियों से उनके विपुल खंड स्थित घर पहुंची। टीम के साथ लखनऊ पुलिस भी मौजूद रही।
आयकर विभाग की टीम ने विधायक के आवास को चारों ओर से घेर लिया और किसी के भी अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी। अधिकारी घर के भीतर फाइलें, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के तहत की जा रही है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

मायावती से नजदीकी को लेकर चर्चा में रहे
बसपा में उमाशंकर सिंह की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जाता है कि पार्टी प्रमुख मायावती ने उन्हें राखी बांधी थी। 5 मार्च 2025 को तबीयत खराब होने पर मायावती स्वयं उनके लखनऊ आवास पर पहुंची थीं और उनका हालचाल लिया था। उस दौरान परिवार के साथ तस्वीरें भी सामने आई थीं।

11 महीने पहले विजिलेंस जांच भी हुई थी शुरू
करीब 11 महीने पहले उमाशंकर सिंह आय से अधिक संपत्ति के मामले में चर्चा में आए थे। विजिलेंस ने उनके साथ उनकी पत्नी पुष्पा सिंह, बेटे युकेश और बेटी यामिनी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की जांच शुरू की थी। जांच में जमीन, मकान, फ्लैट, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों का ब्योरा जुटाया गया था। विजिलेंस ने आईजी प्रयागराज को पत्र लिखकर संपत्तियों का विवरण मांगा था, जिसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। वाराणसी के उप-निबंधन कार्यालयों से भी दस्तावेज एकत्र किए गए थे।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वर्ष 1990 में वह बलिया के एएसी कॉलेज से छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए। उन्होंने 2011 में बसपा ज्वाइन की और 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए। उस चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को करीब 52 हजार मतों से हराया। इसके बाद 2017 और 2022 में लगातार जीत दर्ज कर उन्होंने हैट्रिक बनाई। 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा का खाता सिर्फ उनके दम पर खुला था। लगातार तीन जीत के साथ उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ कायम रखी है।

