
227 जोड़ों का हुआ था रजिस्ट्रेशन, लगभग 100 जोड़ों ने लिए फेरे
रोशन जायसवाल,
बलिया। वर्ष 2018 से 2023 के अंत तक 6363 शादियां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हो चुकी है। 2024 में बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के मनियर ब्लाक में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया था जिसके चलते यह सामूहिक विवाह जांच में आ गया।

2024 में लगभग 1200 जोड़ें मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शामिल हुए थे।



इस वर्ष 1390 जोड़ों की शादी का लक्ष्य है। इसमें 227 जोड़ों का विवाह का आयोजन टाउन पालीटेक्निक के मैदान में किया गया था जहां कम संख्या में जोड़ों ने विवाह के फेरे लिये।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री नारद राय, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, एसपी ओमवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, एडीएम अनिल कुमार आदि रहे।

क्या रहा खास
वर वधू मिलाकर कुल 20 लोगों की इंट्री की गई थी। ऐसे में कुल 5400 लोगों के खाने पीने की व्यवस्था की गई थीं जिसका कमांड जिलापूर्ति अधिकारी संभाल रहे थे। उनके साथ लगभग 50 लोगों की टीम गठित की गई थी।




जिले के आठ ब्लाकों के विभिन्न गांवों के दुल्हा और दुल्हन आए थे। जिन्हें लगभग 20 सामान दिए गए थे जिसमें चांदी के आइटम, गद्दा, कंबल, पंखा, प्रेस, ट्राली बैग, वस्त्र आदि शामिल थे।

दुल्हनों को सजाने के लिये ब्यूटी पार्लर का एक कैंप लगाया गया था जहां दुल्हनों को सजाया जा रहा था।


विवाह पंजीकरण के लिये सब रजिस्ट्रारों की टीम लगाई गई है जो अलग-अलग काउंटर के माध्यम से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शादी संपन्न होने के बाद उनका पंजीयन किया गया और उनको प्रमाणपत्र दिया गया।

