
बलिया। महान सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की जयंती के अवसर पर बलिया रामपुर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, इतिहासकारों, शिक्षकों, व्यापारियों एवं युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय से परिचित कराना और सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं चन्द्रगुप्त मौर्य के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात विभिन्न वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि चन्द्रगुप्त मौर्य का जन्म अत्यंत कठिन परिस्थितियों में हुआ था। लेकिन अपने अदम्य साहस, दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने न केवल एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की बल्कि अखंड भारत की नींव रखी।
उन्होंने यह भी बताया कि चन्द्रगुप्त मौर्य का शासनकाल भारतीय इतिहास में एक युगांतकारी परिवर्तन लेकर आया। उनके नेतृत्व में स्थापित मौर्य साम्राज्य ने प्रशासन सैन्य शक्ति और आर्थिक व्यवस्था के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए। उनके मार्गदर्शक चाणक्य की नीतियों और रणनीतियों ने भी इस साम्राज्य को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित इतिहासकारों ने युवाओं को चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इस मौके पर मुख्य रूप से भाजपा नेता मंत्री प्रतिनिधि हर्ष सिंह, प्रधान रामप्रवेश वर्मा, जयप्रकाश वर्मा, अजित वर्मा, दीनबंधु वर्मा, अनिल वर्मा, शत्रुधन वर्मा, विनोद वर्मा, माला, अखिलेश मौर्य, भानु प्रकाश, रतन, प्रभुनाथ खरवार, दिलीप आदि सैंकड़ो लोग रहे। अंत में आयोजक कुशवाहा सभा बलिया के पूर्व मंत्री परमात्मा वर्मा, हृदयनन्द ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

