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Ballia : बाढ़ के बीच नाव से आई अनोखी बरात, गंगा की लहरों पर सजी यादगार शादी

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बलिया। गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के बीच जहां एक ओर लोग दहशत और परेशानी में हैं, वहीं दूसरी ओर एक अनोखी और यादगार शादी ने इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना दिया। बलिया से सटे बिहार के बक्सर जिले के सिमरी दियारा क्षेत्र में बाढ़ से चारों ओर पानी ही पानी है, लेकिन इसी जलराशि को पार कर एक दूल्हा अपनी बरात लेकर नाव से दुल्हन के गांव पहुंचा। यह नजारा देखकर गांव वाले दंग रह गए और इस अनोखी शादी की चर्चा हर ओर होने लगी।
दरअसल, बक्सर जिले के नैनीजोर लाल डेरा गांव निवासी कमलेश राम के पुत्र राजेश कुमार की शादी बलिया के बेयासी गांव में तय हुई थी। शादी की तिथि पहले से तय थी और दोनों परिवारों ने तैयारियां भी पूरी कर ली थीं। लेकिन गंगा नदी में आई बाढ़ ने सभी सड़क मार्गों को जलमग्न कर दिया, जिससे बरात का पारंपरिक तरीके से जाना नामुमकिन हो गया।

वर पक्ष ने उठाया साहसिक कदम
ऐसे में वर पक्ष ने एक साहसिक और रचनात्मक निर्णय लेते हुए नाव से बरात ले जाने का फैसला किया। इसके बाद पूरे गांव ने एक ऐतिहासिक दृश्य देखा, गंगौली गांव के पास तटबंध के नीचे से दो सजी-धजी नावों पर 20-25 लोगों की बरात रवाना हुई। दूल्हा पारंपरिक पोशाक और साफा पहने हुए नाव पर सजे-धजे बैठा था, और बराती भी पूरे उत्साह में साथ थे। हालांकि नाव पर न तो डीजे था और न ही बैंड-बाजा, लेकिन गंगा की लहरों की थपकियां, नाविकों की ताल, और बरातियों की तालियों की गूंज ने माहौल को बेहद खास बना दिया। ढोलक की जगह तालियां बज रही थीं, और हर कोई इस क्षण को अपने मोबाइल में कैद कर रहा था। स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह नजारा बिल्कुल नया और अद्भुत था। कई लोगों ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिससे यह शादी चर्चा का केंद्र बन गई।

दूल्हे के पिता ने कहा…
दूल्हे के पिता कमलेश राम ने कहा, शादी की तारीख तय थी, रद्द करना मुमकिन नहीं था। इसलिए हमने नाव से बरात ले जाने का फैसला किया। गंगा मैया की कृपा से सब कुछ सकुशल संपन्न हुआ और यह शादी हमारे जीवन की सबसे यादगार घटना बन गई।

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