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Ballia : बलिया महोत्सव, ददरी मेला के बाद अब 26 नवंबर को होगा विशाल कवि सम्मेलन

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मुलायम सिंह के जंयती समारोह पर पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने की है खास तैयारी
रोशन जायसवाल,
बलिया।
बलिया महोत्सव और ददरी मेला के बाद जिले में तीसरा बड़ा कवि सम्मेलन होने जा रहा है। बताते चलें कि 29 अक्टूबर को बलिया महोत्सव में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। उसके बाद 21 नवंबर को ददरी मेला के भारतेंदु मंच पर कवि सम्मेलन हुआ लेकिन फीका रहा। पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी द्वारा आयोजित विराट कवि सम्मेलन और मुशायरा चर्चाओं में होगा क्योंकि उनकी तैयारी कुछ अलग होगी। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के जयंती समारोह पर 26 नवंबर को गंगा बहुउद्देशीय सभागार में 5ः30 बजे विराट कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया है।

इसमें भारत स्तर के कई नामी शायर और कवि बलिया आ रहे है। इसमें उदय प्रताप ंिसंह, डा. नवाज देवबंदी, डा. सरिता शर्मा, सबीना अदीब, अज्म शाकिरी, नदीम फर्रूख, जमुना प्रसाद, चरण सिंह बशर, शंभू शिखर और निलोत्पल मृणाल आ रहे है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी होंगे। आयोजन को लेकर रविवार को पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे शायर और कवि है जो पहली बार बलिया आ रहे है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये तैयारी जोरों पर चल रही है। इसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, माध्यमिक, प्राथमिक, सम्मानित प्राचार्य, अध्यापक गण, अधिवक्ता, चिकित्सक, व्यापारी, साहित्यकार, पत्रकार तथा सामाजिक संगठनों में रोटरी क्लब, लायंस क्लब, इनरव्हील क्लब तथा अन्य सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये लोगों से अपील की जा रही है।

नेताजी ने हमेशा कवियों और शायरों को दिया सम्मान: अंबिका
बलिया। बलिया में 26 नवंबर को होने वाले कवि सम्मेलन और मुशायरा के आयोजन को लेकर पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी से विशेष बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव हमेशा कवियों और शायरों को सम्मान देने का कार्य किया। यही नहीं कवि सम्मेलन और मुशायरा के आयोजन में जब तक आयोजन पूर्ण रूप से समाप्त न हो जाए तब तक नेताजी कवियों और शायरों के सम्मान में बैठे रहते थे। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में भी काफी देर तक बैठकर कवि सम्मेलन और मुशायरा में आमंत्रित सभी कवियों और शायरों को भी भरपूर सम्मान से नवाजा करते थे। आज हम उन्हीं से प्रेरणा लेते हुए इस कवि सम्मेलन की शुरूआत करने जा रहे है। उन्होंने कहा कि मेरी पूरी कोशिश होगी कि लगातार ये कवि सम्मेलन और मुशायरा नेताजी के सम्मान में होता रहेगा।

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