You can find updated Android installation instructions and app information on BC Game APK India.

Ballia : सरयू नदी की धार बनी कटार, तटवर्ती गांवों में मंची अफरा-तफरी

बैरिया (बलिया)। सुरेमनपुर दियरांचल में सरयू नदी एक बार धारा कटार बन गयी है। बुधवार की रात से सरयू का कटान अचानक तेज हो जाने से तटवर्ती गांवों में अफरातफरी मच गई है। घरो और उपजाऊ जमीन पर सरयू नदी की कटार रुपी धारा तेज चल रही है। वशिष्ठ नगर और गोपालनगर के सिवान में नदी तेजी से कृषि भूमि को निगल रही है। स्थिति यह है कि महज 24 घंटे के भीतर 100 बीघा से अधिक उपजाऊ जमीन सरयू नदी में विलीन हो गई।वहीं कटान की जद में बस्तियों के पहुंच जाने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।नदी की तेज धारा से लगातार हो रहे भूमि क्षरण को देखकर लोगों में दहशत का माहौल है।
कटान की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गोपालनगर टांडी निवासी गनेश यादव, शिवजी यादव और महेश यादव के मकान पूरी तरह सरयू नदी में समा गए।वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए आशियानों को अपनी आंखों के सामने नदी में विलीन होते देख प्रभावित परिवारों के सामने सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया है। मकानों के नदी में समा जाने से इन परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

गोपालनगर टांडी और शिवाल मठिया में आबादी के करीब पहुंचा कटान
बैरिया। सरयू नदी का कटान अब गोपालनगर टांडी और शिवाल मठिया में आबादी के काफी करीब पहुंच गया है। इन दोनों क्षेत्रों में लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों के आशियाने कटान की जद में हैं।नदी की तेज धारा लगातार इन मकानों के किनारों से टकरा रही है।इससे प्रभावित परिवारों की धड़कनें बढ़ गई हैं।ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटान की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो आने वाले समय में कई और मकान नदी में समा सकते हैं।

कटान से किसानों की भूमि सरयू में हो रही समाहित
बैरिया। वशिष्ठ नगर और गोपालनगर के सिवान में बड़े पैमाने पर हो रहे कटान से किसानों की उपजाऊ भूमि भी लगातार नदी में विलीन हो रही है।खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए यह नुकसान किसी बड़े संकट से कम नहीं है। एक ओर लोगों के सामने आशियाना बचाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर कृषि भूमि के कटान से उनकी आजीविका पर भी संकट गहराने लगा है।बुधवार की रात से अचानक तेज हुए कटान ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। नदी की धारा जिस तेजी से जमीन को काट रही है,उससे तटवर्ती आबादी पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण अपने घरों और जमीन को बचाने को लेकर चिंतित हैं।सरयू नदी के लगातार बदलते रुख से सुरेमनपुर दियरांचल के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *