
बैरिया (बलिया)। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर एनएच-31 स्थित जयप्रभा सेतु से गुरुवार दोपहर एक कंप्यूटर इंजीनियरिंग की 25 वर्षीय छात्रा ने करीब 50 फीट नीचे उफनती सरयू नदी में छलांग लगा दी। तेज धारा में बहते हुए युवती काफी दूर तक लोगों से बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन समय पर मदद नहीं मिलने के कारण वह गहरे पानी में समा गई। समाचार लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती फोन पर किसी से बातचीत करते हुए काफी उत्तेजित अवस्था में सेतु के पिलर संख्या दो के पास पहुंची। कुछ देर बाद वह रेलिंग पर चढ़ गई और देखते ही देखते नदी में छलांग लगा दी। नदी में गिरने के बाद वह तेज धारा में करीब एक किलोमीटर तक बहती हुई धनी छपरा गांव के सामने तक पहुंची। इस दौरान वह लोगों से मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन नदी की तेज धार और गहराई के कारण कोई उसे बचाने के लिए समय पर नहीं पहुंच सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो बाइक सवार युवक भी युवती का पीछा करते हुए सेतु पर पहुंचे थे। युवती को नदी में कूदते देख दोनों युवक मौके से फरार हो गए। इससे घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
घटना के कुछ देर बाद उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट पर बदहवास हालत में पहुंची एक महिला ने खुद को दोकटी थाना क्षेत्र के सेवकराय के टोला निवासी धर्मेंद्र कुमार सिंह की पत्नी रेखा देवी बताया। उन्होंने नदी में कूदने वाली युवती की पहचान अपनी 25 वर्षीय पुत्री सौम्या सिंह के रूप में की। बताया कि सौम्या ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली के बदरपुर में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी।
सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने परिजनों और स्थानीय लोगों के सहयोग से नदी में युवती की तलाश शुरू कर दी है। सरयू में तेज बहाव होने के कारण तलाशी अभियान में कठिनाई आ रही है। समाचार लिखे जाने तक सौम्या का कोई सुराग नहीं मिल सका था। इस संबंध में पुछने पर चांद दियर चौकी प्रभारी अवनिश त्रिपाठी ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद हूं। ज्योति की तलाश स्थानीय नाविकों के सहयोग से की जा रही है।

