
चार बसों की शासन से डिमांड, जीरा बस्ती रोडवेज परिसर में चार्जिंग प्वाइंट तैयार, शहर और आसपास के इलाकों के लिए तय होंगे रूट
बलिया। शहरवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में अच्छी खबर है। बलिया शहर में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए शहर से सटे जीरा बस्ती स्थित रोडवेज डिपो के वर्कशॉप परिसर में चार्जिंग प्वाइंट तैयार कर लिया गया है। परिवहन विभाग ने फिलहाल चार इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड शासन को भेजी है। जल्द ही बसों के उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की कवायद लंबे समय से चल रही थी। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के प्रयास से प्रक्रिया में तेजी आई है। अब चार्जिंग प्वाइंट तैयार होने के बाद इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। बसों के मिलने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए जरूरत के अनुसार रूट निर्धारित किए जाएंगे।
प्रभारी एआरएम महेश पांडेय ने बताया कि चार इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड शासन को भेजी गई है। जल्द ही बसें मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि एक बस को फुल चार्ज होने में करीब 20 मिनट का समय लगेगा। एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद बस करीब 200 किलोमीटर तक चल सकेगी। उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार इन बसों का संचालन शहर और आसपास के क्षेत्रों में किया जाएगा।
विश्वविद्यालय और कॉलेज जाने वाले छात्रों को मिलेगी राहत
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर और आसपास के क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं को भी काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने आते हैं। बस सेवा शुरू होने के बाद उन्हें आवागमन का सस्ता और सुविधाजनक साधन मिल सकेगा।
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय तक आवागमन भी आसान हो सकता है। जिला मुख्यालय से विश्वविद्यालय के लिए पहले रोडवेज बस का संचालन किया गया था। एआरएम के अनुसार, उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के मासिक टिकट (एमएसटी) बनवाए थे, लेकिन बाद में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया था कि छात्र-छात्राएं अपने निजी साधनों से आना पसंद कर रहे हैं। सवारियां कम मिलने और संचालन खर्च अधिक होने के कारण बस सेवा बंद करनी पड़ी थी।
46 रोडवेज और 27 अनुबंधित बसें चल रहीं
फिलहाल बलिया डिपो से रोडवेज की 46 बसों के अलावा 27 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। ये सभी बसें डीजल से चलती हैं। कम सवारी मिलने पर कई बार इनका संचालन घाटे का सौदा साबित होता है। वहीं, इन बसों में अधिकांश लंबी दूरी के रूट पर संचालित होती हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय आवागमन को बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक बसों से यात्रियों को अपेक्षाकृत सस्ता और सुविधाजनक सफर मिलने के साथ ही प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से आम लोगों के साथ विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

नगर में जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें : दयाशंकर सिंह
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि नगर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्द शुरू करने की योजना है। इसके लिए प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चार्जिंग प्वाइंट भी तैयार है। जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करा दी जाएंगी। शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए आवश्यकता के अनुसार रूट निर्धारित कर बसों का संचालन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, अमर शहीद मंगल पांडेय पीजी कॉलेज (नगवा) में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ ही अन्य छात्र-छात्राओं और आम लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी। भविष्य में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

