
सुधीर कुमार मिश्रा,
बेरुआरबारी। बाबा भगवान दास समाधि स्थल पर बाबा अमरनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन मंगलवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं के बीच हुआ। अंतिम दिवस अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।

कथावाचक ने कहा कि जब भगवान श्रीराम ने वानर सेना के सहयोग से समुद्र पर सेतु का निर्माण कराया और लंका की ओर प्रस्थान किया, तब वह केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि सत्य और धर्म की स्थापना का अभियान था। लंका में रावण और भगवान श्रीराम के बीच हुए भीषण संग्राम का सजीव वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि अंततः अधर्म पर धर्म की विजय हुई और भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर मानवता को यह संदेश दिया कि सत्य की जीत निश्चित होती है।

लंका विजय के पश्चात भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने का प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि प्रभु के स्वागत में पूरी अयोध्या दीपों की जगमगाहट और पुष्पों की सुगंध से सज उठी थी।

दयाशंकर सिंह ने राजन जी महाराज से प्राप्त किया आशीर्वाद
वहीं रामकथा के अंतिम दिन परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कथा स्थल पर पहुंचकर राजन जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और रामकथा का श्रवण किया। इसी क्रम में बलिया नगर क्षेत्र के पूर्व विधायक आनंद स्वरूप शुक्ल ने भी राजन जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

रामकथा में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी,पूर्व विधायक संजय यादव, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, ईश्वर दयाल मिश्र, राकेश महाजन, बिरजू साहनी, बृजनाथ सिंह, अमरजीत सिंह, मिथलेश तिवारी, रेखा सिंह, ममता सिंह, नितेश सिंह आदि मौजूद रहे।

