
बलिया। बेरुआरबारी स्थित बाबा अमरनाथ एवं बाबा भगवान दास समाधी स्थल प्रांगण मे सगीतमय राम कथा के तीसरे दिन बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक राजन जी महराज ने बताया कि भक्ति का प्रवाह सदैव नीचे से ऊपर की ओर होता है। बहुत से लोग कथा सुनने आते हैं, लेकिन हमारा प्रयास केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि अर्थात प्रत्येक हृदय को भगवान से जोड़ना है। जिस व्यक्ति को वास्तव में भगवान का साक्षात् दर्शन हो जाता है, वह उसे शब्दों में व्यक्त करने योग्य नहीं रहता। दिव्य आनंद ऐसा अनुभव है जिसे न पूरी तरह बताया जा सकता है, न समझाया जा सकता है। फिर भी लोग कहते हैं मुझे हनुमान जी के दर्शन हुए, किसी को भगवान शंकर के दर्शन होने का अनुभव हुआ। परंतु सत्य यह है कि परमात्मा के वास्तविक सान्निध्य में शब्द मौन हो जाते हैं और केवल अनुभूति शेष रह जाती है।

कथा मे भगवान श्रीराम का जन्म सम्पूर्ण मानवता के लिए आशा, धर्म और आदर्श का संदेश लेकर आया। उनके जीवन का प्रत्येक प्रसंग हमें उत्तम चरित्र और श्रेष्ठ आचरण की प्रेरणा देता है। आइए, हम सभी प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर एक सुंदर, संस्कारित और धर्ममय समाज के निर्माण में योगदान दें। श्री राजन जी ने बताया की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहाँ हुआ था।
विशिष्ट जनों में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजक बाबा अमरनाथ सेवा समिति के व्यवस्थापक राकेश सिंह, संयोजक एवं विधायक केतकी सिंह, अध्यक्ष हरिद्वार सिंह, राज्य सभा सांसद नीरज शेखर, पूर्व विधायक बैरिया सुरेन्द सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह अन्नू, सत्येंद्र सिंह, रजनीश सिंह, प्रशांत सिंह, गामा सिंह, सेलू सिंह, अनिल सिंह, शैलेन्द्र, दीपक सिंह, महावीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में पुलिस प्रशासन का सहयोग भी सराहनीय रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेरुआरबारी-बांसडीह मार्ग पर दो मुख्य प्रवेश द्वार तथा सुखपुरा- बेरुआरबारी मार्ग पर एक प्रवेश द्वार बनाया गया है, जिससे कथा स्थल तक आने-जाने में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रामकथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं।

