
बलिया। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने पिछले चार वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज परिवहन विभाग के बेड़े में 15 हजार से अधिक बसें पूरे प्रदेश में संचालित हो रही हैं, जबकि उनके कार्यभार संभालने के समय केवल 8500 बसें ही चल रही थीं।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि उनके चार वर्षों के कार्यकाल में रोडवेज बसों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश के केवल 15 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होता था, जबकि अब 43 शहरों में ई-बसें यात्रियों को सेवा दे रही हैं।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पहले रोडवेज बसों में जीपीएस जैसी सुविधा नहीं थी, लेकिन आज सभी बसें जीपीएस से लैस हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में पैनिक बटन की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बस अड्डों का भी आधुनिकीकरण कर रही है। प्रदेश के बस स्टेशनों को हवाई अड्डों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन व्यवस्था को और अधिक सशक्त एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

