
बांसडीह (बलिया) : कोड़र क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध बाबा सैदनाथ मंदिर प्रांगण में चल रहे नौ रूद्र दिवसीय महायज्ञ के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन से आए विशेष कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित पूतना वध की आकर्षक एवं जीवंत झांकी प्रस्तुत की, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। झांकी के माध्यम से धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश दिया गया, जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की।

वहीं कथा प्रवचन के दौरान अयोध्या से पधारीं प्रख्यात कथा वाचक डॉ. साधना शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। संगीतमय शैली में प्रस्तुत कथा ने ऐसा समां बांधा कि हजारों श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे। कथा के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम और हरि नाम के उद्घोष से गुंजायमान रहा। रूद्र महायज्ञ में मंडप परिक्रमा के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
यज्ञाचार्य राजेश पाण्डेय के कुशल निर्देशन एवं वैदिक विधि-विधान के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह एवं मंदिर पुजारी अभिषेक मिश्र ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में यज्ञ में पहुंचकर संतों की अमृतमयी वाणी का श्रवण करने तथा पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। महायज्ञ के अवसर पर दूर-दूर से आए व्यापारियों द्वारा खिलौने, मिठाई, चरखी एवं अन्य आकर्षक दुकानों की सजावट की गई है, जिससे पूरा मेला क्षेत्र गुलजार बना हुआ है।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत बाबा सैदनाथ धाम का यह महायज्ञ क्षेत्रवासियों के लिए आस्था और संस्कृति का एक भव्य उत्सव बन गया है।

