You can find updated Android installation instructions and app information on BC Game APK India.

Asarfi

56 इंच का सीना पीएम मोदी का और 56 वर्ष के हैं सम्राट चौधरी

width="500"

बिहार में पहली बार भाजपा के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनने जा रहे है। सात साल से कुछ ज्यादा वक्त हुआ होगा भाजपा में आए हुए। लेकिन, खास बात यह है कि जब से भाजपा में आए, तब से उत्तरोत्तर बढ़ते ही गए। लोगों में यह चर्चा जमकर हो रही है कि 56 इंच का सीना पीएम मोदी का है, वहीं 56 वर्ष के सम्राट चौधरी भी है।
16 नवंबर, 1968 को जन्म लेने वाले सम्राट चौधरी ने बहुत कम उम्र में राजनीति शुरू की थी। वैसे भी वह बचपन से राजनीति को देखते-समझते रहे हैं, क्योंकि उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार की एक बड़ी राजनीतिक पहचान रहे। शकुनी चौधरी बिहार में लंबे समय तक मंत्री रहे हैं। सम्राट चौधरी को राजनीति में आए हुए अब करीब 35 साल हो चुके हैं। सम्राट चौधरी के बड़े भाई रोहित चौधरी जदयू से जुड़े हैं, लेकिन मूलतरू शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। सम्राट के छोटे भाई धर्मेंद्र चौधरी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। सम्राट की पत्नी ममता चौधरी चुनाव के दौरान जनसंपर्क में भी साथ नजर आई थीं।

सुशील मोदी के जाने के बाद तेजी से ग्राफ उछला
सम्राट चौधरी ने राजनीति में बड़ा वक्त राष्ट्रीय जनता दल के साथ गुजारा। वह राबड़ी देवी की सरकार में भी मंत्री रहे थे। मतलब, शुरुआत से आधार लालू प्रसाद यादव की पार्टी का रहा। अब 2018 से उनकी पहचान भाजपाई के रूप में है। 2020 में जैसे ही चुनाव के बाद सुशील कुमार मोदी को भाजपा ने बिहार से हटाकर दिल्ली भेजा तो सम्राट के लिए जैसे राहें खुल गईं। सम्राट चौधरी ने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह बिहार भाजपा की पहचान बन चुके हैं। 2019 में जब नित्यानंद राय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे तो सम्राट को उनका डिप्टी बनाया गया था।

2023 में भाजपा ने सौंपी प्रदेश अध्यक्ष की कमान
2020 में जब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी तो सम्राट इसी पार्टी से विधान परिषद् सदस्य बनाए गए। 2020 के जनादेश के बाद भी जब नीतीश कुमार कुछ समय के लिए महागठबंधन के मुख्यमंत्री बन गए तो विधान परिषद् सदस्य सम्राट चौधरी उनके सामने नेता प्रतिपक्ष के रूप में नजर आए। फिर संगठन ने उन्हें 2023 में प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी। दिसंबर 2023 में जब नीतीश कुमार ने एनडीए में वापसी का लक्षण दिखाया और जनवरी 2024 में महागठबंधन छोड़ एनडीए के साथ लौट आए तो सम्राट चौधरी को भाजपा ने अपनी ओर से विधायक दल का नेता चुना। इस तरह वह उप मुख्यमंत्री बने। फिर 2025 के बिहार चुनाव के बाद भी वह कुर्सी कायम रही।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *