
हैदर अली,
बलिया। दारूल उलूम इबराहिमिया निसवां काजीपुरा की ओर से रविवार को काजीपुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास जल्स-ए-इस्तेकबाल रमजान बराए मसतूरात व ख्वातीन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं एवं पुरुषों ने शिरकत की और आगामी पवित्र माह रमजान के इस्तेकबाल की तैयारियों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुफ्ती वसीउर्रहमान साहब कासमी ने अपने संबोधन में रमजान की अहमियत और उसकी बरकतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत, मगफिरत और जहन्नम से निजात का महीना है। यह आत्मशुद्धि, सब्र और इबादत का विशेष अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सभी को नसीहत दी कि रमजान के दौरान ही नहीं बल्कि हमेशा हर तरह की बुराइयों से दूर रहकर नेक रास्ते पर चलने का संकल्प लें।
मुफ्ती साहब ने विशेष रूप से महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि घर-परिवार की इस्लाही और तरबियती जिम्मेदारी में उनका अहम योगदान होता है। बच्चों की बेहतर परवरिश, नमाज की पाबंदी और कुरआन की तिलावत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि पूरा परिवार दीन की राह पर कायम रह सके।
जल्से में रमजान की तैयारियों, रोजे की फजीलत, जकात व सदकात की अहमियत तथा सामाजिक एकता पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में मुल्क व कौम की तरक्की, अमन-चौन और खुशहाली के लिए दुआ कराई गई।
आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए रमजान के पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

