Asarfi

Ballia : जिले में 27 मृतकों को मिला पीएम आवास, 250 अपात्र भी लाभांवित

width="500"

250 अपात्रों के लाभार्थियों को आवास भुगतान पर डीएम सख्त, वेतन से रिकवरी करने के दिए आदेश
बलिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 623 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था।

इसमें विकासखंड गड़वार में 62, सोहांव में 08, रेवती में 08 तथा चिलकहर में 04 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विकासखंड अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही बिना सत्यापन के 250 अपात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि का भुगतान किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से यह भुगतान हुआ है, उनके वेतन से रिकवरी करने का आदेश दिया।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि 27 आवास मृतक व्यक्तियों के नाम पर आवंटित किए गए हैं, 80 आवास जमीनी विवाद के कारण लंबित हैं तथा 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विकासखंड अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पेंडिंग आवास मामलों का तत्काल निस्तारण कराया जाए और 623 आवासों का सत्यापन कराने का निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कॉन्वर्जेंस की प्रगति की समीक्षा
कॉन्वर्जेंस की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लाभार्थियों के शौचालय, विद्युत कनेक्शन तथा उज्ज्वला योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका डाटा तुरंत अपडेट किया जाए। साथ ही मनरेगा योजना के अंतर्गत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली गई। आवास प्लस सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों को सर्वे में पात्र अथवा अपात्र घोषित किया गया है, उसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रधान के माध्यम से खुली बैठक कर सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन कारणों से किसी का नाम आवास सूची से हटाया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश, सभी विकास खण्ड अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *