
बलिया। 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति का पर्व मनाया जायेगा। पौषमास की संक्रान्ति को जब सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होकर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, उसके पश्चात ही मकर संक्रान्ति मनायी जाती है। धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी 2026 की रात्रि 9 बजकर 39 मिनट पर हो रहा है। मकर संक्रान्ति का पुण्यकाल 40 घटी यानी 16 घंटे बाद 15 जनवरी 2026 को दोपहर पश्चात 1 बजकर 39 मिनट तक पुण्यकाल रहेगा। इसलिए मकर संक्रान्ति 15 जनवरी 2026 को मनायी जायेगी।
इस दिन सूर्य की उपासना, गंगास्नान, नदियों में स्नान करना, अन्नदान, पशुओं को गुड़ खिलाना, गरीबों को भोजन कराना, तिल-गुड़, ज्वार बाजरा से बने पदार्थों को सूर्य को अर्पित करने के बाद ही स्वयं सेवन करने का विधान है। ज्योतिषाचार्य, डॉ अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि संक्रान्ति के दिन से ही उत्तरी गोलार्ध में दिन बड़ा होना शुरू हो जाता है व रात छोटी होने लगती है। मकर संक्रान्ति पर दान का समय संक्रान्ति के दिन स्नान के उपरान्त सूर्य सहित नवग्रहों की पूजा के बाद दान आरम्भ करना चाहिये। आपकी जो श्रद्धा हो उसके अनुसार आप वस्त्र, अन्न और धन का दान कर सकते हैं। मकर संक्रान्ति के दिन तिल व खिचड़ी का दान बहुत ही शुभ माना गया है। दान का समय सूर्याेदय से प्रारम्भ होकर दोपहर पश्चात 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। यह मुहूर्त दान आदि के लिए बेहद शुभ है।

