
बलिया। शहर के जगदीशपुर स्थित अपूर्वा हॉस्पिटल में रविवार दोपहर पथरी के ऑपरेशन के दौरान 24 वर्षीय अनीषा पांडेय (पत्नी शिवांशु राय, निवासी देवकली, थाना सुखपुरा) की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल को सील करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई।
परिवार के अनुसार, छह महीने पहले सीजेरियन ऑपरेशन से बच्चे के जन्म के बाद अनीषा का स्वास्थ्य संवेदनशील था। रविवार को दोपहर करीब दो बजे 50 हजार रुपये जमा कराने के बाद डॉक्टरों की टीम डॉ. ज्योत्स्ना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह और डॉ. रोहन गुप्ता उन्हें ऑपरेशन थियेटर में ले गए।
कुछ देर बाद डॉ. ज्योत्स्ना सिंह बाहर आईं और परिजनों को बताया कि मरीज की हालत गंभीर है, उसे मेदांता अस्पताल ले जाना होगा। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने देखा तो ऑपरेशन हो चुका था और अनीषा की मौत हो चुकी थी। उनका कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।
पांच डाक्टरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज
घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिवांशु राय की तहरीर पर पांचों डॉक्टरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी भी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया है, जबकि अन्य मरीजों के भर्ती होने के कारण पूरे नर्सिंग होम को सील नहीं किया जा सका।

