
नई व्यवस्था लागू होने से वाहन चालकों को मिलेगी परेशानियों से निजात
बलिया। परिवहन विभाग ने छोटे वाणिज्यिक वाहन संचालकों को बड़ी राहत देते हुए नई कर व्यवस्था लागू कर दी है। 7500 किलोग्राम से कम भार क्षमता वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए अब वन टाइम रोड टैक्स प्रणाली शुरू की गई है। इस व्यवस्था के तहत वाहन स्वामियों को निजी वाहनों की तरह एकमुश्त रोड टैक्स जमा करना होगा, इसके बाद उन्हें बार-बार कर अदा नहीं करना पड़ेगा।
अब तक छोटे और बड़े सभी वाणिज्यिक वाहनों पर त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर रोड टैक्स देना अनिवार्य था। इससे वाहन मालिकों को परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और प्रक्रिया जटिल बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कर भुगतान की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी बनेगी।
परिवहन विभाग के अनुसार यह सुविधा केवल 7500 किलोग्राम से कम भार क्षमता वाले वाणिज्यिक वाहनों पर लागू होगी। 7500 किलोग्राम से अधिक भार क्षमता वाले भारी वाणिज्यिक वाहनों के लिए पहले की तरह त्रैमासिक या वार्षिक रोड टैक्स व्यवस्था जारी रहेगी।
टैक्स संग्रह में आएगी स्थिरता
इस संबंध में एआरटीओ अरूण कुमार ने बताया कि वन टाइम रोड टैक्स व्यवस्था का उद्देश्य छोटे वाणिज्यिक वाहन संचालकों को सरल और पारदर्शी कर प्रणाली उपलब्ध कराना है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली भी सुगम होगी और टैक्स संग्रह में स्थिरता आएगी। नई व्यवस्था से छोटे वाहन संचालकों को आर्थिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से वाहन स्वामियों का अवगत कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय में विशेष कैंप लगाया जा रहा है। परिसर में सुबह 10 से शाम पांच बजे तक परिवहन मेले का आयोजन किया गया है। एआरटी अरूण कुमार राय ने सभी वाहन स्वामियों से अपील किया है कि वह इसमें भाग लेकर जानकारी प्राप्त करने के साथ इसका लाभ उठाएं।
इस प्रकार लगेगा वन टाइम रोड टैक्स
किराये या पारिश्रमिक दोपहिया वाहन: वाहन मूल्य का 12.5 प्रतिशत
तिपहिया मोटर कैब: 7 प्रतिशत
10 लाख रुपये तक के मोटर/मैक्सी कैब: 10.5 प्रतिशत
10 लाख रुपये से अधिक के मोटर/मैक्सी कैब: 12.5 प्रतिशत
निर्माण उपस्कर/विशेष प्रयोजन यानरू 6 प्रतिशत
3000 किग्रा तक सकल भार यान: 3 प्रतिशत
3000 से 7500 किग्रा तक के वाहन: 6 प्रतिशत

