
बलिया। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर सहित तराई के कई जिलों में मुस्लिम समुदाय की मजारों, मदरसों और मस्जिदों को तोड़ने की कार्यवाही के खिलाफ भाकपा-माले और इंसाफ मंच के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत सोमवार को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अपर जिलाधिकारी को सौंपा।
जिसमें मुसलमानों के मदरसों, मजारों और मस्जिदों पर चलाये जा रहे असंवैधानिक बुल्डोजर अभियान पर तत्काल रोक लगाने, मदरसों की मान्यता देने की प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने तथा उनके नवीनीकरण की कार्यवाही शुरू करने और मदरसों में आधुनिक और बेहतर शिक्षा देने की व्यवस्था करने, प्रदेश के स्कूलों को मर्ज एवं उन्हें बंद करने की कार्यवाही पर रोक लगाने, दलितों, गरीबों के उनके घरो को उजाड़ने की कार्यवाही पर रोक लगाने तथा जो गरीब जिस भूमि पर आबाद है, उस भूमि को उसके नाम दर्ज करने की मांग की गयी।
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता श्रीराम चौधरी ने कहा कि आजादी के काफी पूर्व की बनी मस्जिदों, मजारों और मदरसों को योगी सरकार द्वारा साम्प्रदायिक नजरियें से उसे निशाना बना करके तोड़ा जा रहा है। कहा कि योगी सरकार में धर्मस्थल कानून का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन कर रही है, जबकि कानून में यह स्पष्ट है कि आजादी से पूर्व में स्थित जो भी मंदिर, मस्जिद, चर्च गुरूद्वारा जहां पर जिस स्थिति में था वह कायम रहेगा। प्रशासन ने इस कानून का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन करते हुए मुस्लिमों के धार्मिक स्थल को तोड़ रहा है, जो असंवैधानिक है।
इस अवसर पर बसंत कुमार सिंह, लाल साहब, नियाज अहमद, भागवत बिंद, वशिष्ठ राजभर, लक्ष्मण यादव, मो. यूसुफ, रमाशंकर राम, विजय शंकर राजभर, अशोक राम, आशा देवी, विनय खरवार, राजेश गोंड, रमेश बिंद, नगेन्द्र राम, कमलेश, संतोष साहनी, जनार्दन पासवान आदि लोग शामिल थे।

