
बलिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर बलिया जनपद में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। जिले के सभी सरकारी एवं अधिकांश निजी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिसके चलते बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं।
यूनियन बैंक के अधिकारी व कर्मचारी बैंक के बाहर आकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। वहीं बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की प्रमुख मांग हफ्ते में पांच दिन कार्य और दो दिन अवकाश (5-डे वर्क वीक) लागू करने की रही। कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, ऐसे में बैंकिंग सेक्टर को इससे बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है। इसके अलावा कर्मचारियों ने कार्यभार में कमी, स्टाफ की कमी दूर करने और बेहतर कार्य-परिस्थितियों की भी मांग उठाई।
वहीं लोगों का कहना है कि विगत शनिवार चौथा होने के कारण बैंक बंद था। रविवार को बंद रहता ही है। सोमवार को 26 जनवरी और 27 जनवरी को बैंकों के हड़ताल होने के कारण बैंक बंद रहे, ऐसे में अब परेशानी बढ़ गई है। हड़ताल के कारण अधिकांश उपभोक्ता नकदी निकासी के लिए एटीएम पर निर्भर नजर आए। हालांकि कई इलाकों में एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे लोगों को एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक भटकना पड़ा। बुजुर्गों और पेंशनधारकों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

