बलिया। एतिहासिक ददरी मेला के आयोजन की तैयारियों के क्रम में 20 अक्टूबर को परंपरागत रूप से ध्वज पूजन और स्थापना की जाएगी। नगर पालिका परिषद बलिया की ओर से दशहरा के अवसर पर दिन में 11 बजे से नंदीग्राम पशु मेला परिसर में पूजन कार्यक्रम आयोजित होगा।
पिछले साल बलिया में लंपी रोग को देखते हुए मेले में पशु मेला नहीं लगा था, ऐसे में इस बार संभावना है कि पशु मेला लगे। इसके लिए नगर पालिका अध्यक्ष, जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे।
नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष संत कुमार मिठाई लाल ने बताया कि परिषद की ओर से परंपरा के अनुसार एतिहासिक ददरी मेले का आयोजन कराया जाएगा। ध्वज पूजन कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद के सभासदों के साथ प्रभारी अधिशासी अधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्तिक पूर्णिमा के स्नान से लगभग 10 दिन पहले ही लग जाता पशु मेला
कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान से लगभग 10 दिन पहले ही देश-विदेश और विभिन्न राज्यों से पशु व्यापारी बलिया के ददरी मेला मैदान में जुटने लगते हैं। इस मेले में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश से बड़े पैमाने पर पशुपालक और नामी व्यापारी आते हैं। मेले में मुख्य रूप से गाय, भैंस, बैल, घोड़े, ऊंट, गधे और बकरियों का व्यापार होता है। विशेष रूप से हरियाणा की मुर्रा भैंसें और पंजाब-राजस्थान के उत्तम नस्ल के घोड़े यहां आकर्षण का केंद्र होते हैं।
ददरी मेला मुख्य रूप से शहर के दक्षिणी छोर पर लगभग 89 एकड़ (लगभग 140 बीघा) के विशाल क्षेत्र में आयोजित किया जाता है, जिसके लिए हर साल किराए पर इतनी भूमि अधिग्रहित की जाती है। इस बार भी करीब 800 से ज्यादा किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
