
सिकंदरपुर (बलिया)। सिकंदरपुर कस्बे में शुक्रवार को ऐतिहासिक रथयात्रा और महावीरी झंडा जुलूस श्रद्धा, उल्लास और सौहार्द के वातावरण में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। आयोजन के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने संतोष जताते हुए इसे गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल करार दिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने आयोजन से जुड़े सभी अखाड़ेदारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन क्षेत्र में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।

उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि रथयात्रा और महावीर पूजन दोनों समुदायों के आपसी सहयोग और सौहार्द का उदाहरण हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को धन्यवाद देते हुए आशा जताई कि आगामी पर्व-त्योहार भी इसी तरह शांति और भाईचारे के साथ मनाए जाएंगे।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
क्षेत्राधिकारी रजनीश कुमार यादव ने बताया कि जुलूस की सफलता में जिलेभर से आए पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने इसे “सांप्रदायिक सौहार्द और अनुशासित नागरिकता” का आदर्श उदाहरण बताया।
नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और नागरिकों ने प्रशासन और नगरवासियों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिकंदरपुर का यह आयोजन सामाजिक समरसता की प्रतीक बनकर सामने आया है। सिकंदरपुर की यह भव्य रथयात्रा न केवल धार्मिक आस्था की अभिव्यक्ति थी, बल्कि सामाजिक एकता, प्रशासनिक सजगता और नागरिक जिम्मेदारी का परिचायक भी रही। सभी वर्गों ने अनुशासन और समर्पण के साथ भागीदारी निभाई, जिससे आयोजन को एक नया आयाम मिला।

