
बलिया। जिले के सभी मस्जिदों में शनिवार की सुबह में नमाज अदा कर बकरीद पर्व की शुरूआत की गई। सभी लोगों ने एक-दूसरे से गले मिल बकरीद की बधाईयां दी। ईद-उल- अजहा जिसे बकरीद भी कहते हैं इस्लाम धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहार है। ये पर्व रमजान के पाक महीने के करीब 70 दिनों बाद आता है।

नगर के विशुनीपुर मस्जिद सहित काजीपुरा, विशुनीपुर, बड़ी मस्जिद गुदरी बाजार, उमरगंज, बहेरी, परमंदापुर आदि मस्जिदों में विशेष तैयारियां की गई थी। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद की नमाज अता की। मुस्लिम बंधुओं ने हाथ उठाकर देश में अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी। बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें साम्प्रदायिक सौहार्द और एकता की झलक देखने को मिली।

इस्लाम धर्म के जानकार बताते हैं कि हजारत इब्राहिम अपने पुत्र हजारत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर उनकी राह में कुर्बान करने जा रहे थे, और खुश हो कर उन्होंने बच्चे को जीवनदान दे दिया। तभी से इस महान त्याग और उसके परिणाम की याद में यह पर्व मनाया जाता है।

