चितबड़ागांव के मंच से उठे सवाल
बलिया के फेफना विधानसभा क्षेत्र की सियासत में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के परिवार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चितबड़ागांव में आयोजित चंद्रशेखर जन्म शताब्दी वर्ष महोत्सव में राज्यसभा सांसद नीरज शेखर की सक्रिय मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया ने जब नीरज शेखर से पूछा कि चंद्रशेखर जन्म शताब्दी वर्ष का यह बड़ा आयोजन फेफना विधानसभा के चितबड़ागांव में ही क्यों किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह आयोजन फेफना विधानसभा से जुड़े लोगों ने किया है और उन्होंने इस आयोजन को और बेहतर बनाने का काम किया। कार्यक्रम में बलिया और गाजीपुर दोनों जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मुस्कुराते हुए बोले नीरज शेखर ‘मैं हूं ना‘
मीडिया ने पूछा कि फेफना विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही उनकी पत्नी डॉ. सुषमा शेखर लगातार जनसंपर्क और मुलाकातों के कार्यक्रम कर रही हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं, लेकिन डॉ. सुषमा शेखर यहां नजर नहीं आईं। इस पर नीरज शेखर मुस्कुराते हुए बोले “मैं हूं ना।” नीरज शेखर का यह जवाब अब फेफना की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, डॉ. सुषमा शेखर पिछले कुछ समय से फेफना विधानसभा क्षेत्र के गांवों में लगातार जनसंवाद और जनसंपर्क कर रही हैं। जून 2026 की एक रिपोर्ट में भी फेफना क्षेत्र में उनके स्वास्थ्य शिविरों का उल्लेख है। मार्च 2026 में उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा था कि समाज के प्रति उनका भी कर्तव्य है और वह राजनीति के माध्यम से उसे निभा रही हैं। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या फेफना की राजनीति में नीरज शेखर भी सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं? या फिर चंद्रशेखर जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के जरिए परिवार की राजनीतिक विरासत को व्यापक स्तर पर सामने रखा जा रहा है।
चंद्रशेखर परिवार का बलिया से पुराना राजनीतिक जुड़ाव
नीरज शेखर फिलहाल भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं और संसद में उनका तीसरा कार्यकाल चल रहा है। वहीं चंद्रशेखर परिवार का बलिया से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बलिया से कई बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उनके पुत्र नीरज शेखर और पुत्र वधू डॉ सुषमा शेखर है।
अब फेफना की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल
क्या 2027 के पहले नीरज शेखर की सक्रियता बढ़ेगी, या डॉ. सुषमा शेखर ही परिवार की राजनीतिक सक्रियता का प्रमुख चेहरा बनी रहेंगी। फिलहाल इतना जरूर है कि चितबड़ागांव के मंच से नीरज शेखर का “मैं हूं ना” वाला जवाब फेफना की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे गया है।
रोशन जायसवाल की रिपोर्ट
